पंचकूला नगर निगम 160 करोड़ घोटाला: जल्द दाखिल होगी चार्जशीट, जांच के घेरे में आए नए नाम

Panchkula Municipal Corporation ₹160 crore scam

Panchkula Municipal Corporation ₹160 crore scam

पंचकूला। Panchkula Municipal Corporation ₹160 crore scam, नगर निगम पंचकूला के बहुचर्चित 160 करोड़ के घोटाले में हरियाणा एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) जल्द ही जिला अदालत में चालान पेश करने की तैयारी में है। सूत्रों के अनुसार, ब्यूरो तीन महीने की कानूनी अवधि पूरी होने से पहले चार्जशीट दाखिल कर देगा, ताकि गिरफ्तार आरोपितों को डिफाल्ट बेल का लाभ न मिल सके।

जांच में अब घोटाले के कथित मास्टरमाइंड, कोटक महिंद्रा बैंक के तत्कालीन वाइस प्रेसिडेंट पुष्पेंद्र सिंह की पत्नी प्रीति ठाकुर की भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई है। सूत्रों का दावा है कि जिन कंपनियों में प्रीति ठाकुर डायरेक्टर हैं, उनमें भी नगर निगम के खातों से घूमकर रकम पहुंची है।

एसीबी उनसे पहले पूछताछ कर चुकी है, लेकिन गिरफ्तारी से पहले एजेंसी पुख्ता सबूत जुटाने में लगी हुई है। उनकी कंपनियों में पहुंचे करोड़ों रुपये के लेन-देन की गहन जांच जारी है। प्रीति ठाकुर कहीं ना कहीं इस राशि की लाभार्थी है।

तीन बड़े लाभार्थियों की तलाश में जुटी एसीबी

एसीबी की जांच अब उन तीन लोगों पर केंद्रित है, जिनके खातों में कथित तौर पर करोड़ों ट्रांसफर किए गए थे। इनमें समर रंगा, आर्यन और सनी गर्ग प्रमुख हैं। सूत्रों के अनुसार, समर रंगा ने अदालत में दायर अपनी जमानत याचिका में दावा किया था कि उसने लगभग 7 से 8 करोड़ रुपये ब्याज पर लिए थे।

हालांकि, वह अभी तक जांच एजेंसी की पकड़ से बाहर है। उसकी पत्नी नेहा रंगा को एसीबी पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है, क्योंकि संदिग्ध राशि उसके बैंक खाते में भी ट्रांसफर हुई थी। जांच में यह भी सामने आया है कि कथित रकम का कुछ हिस्सा उसकी पत्नी के लिए ब्यूटी पार्लर शुरू करने में लगाया गया।

वहीं, आर्यन पर करीब 4 करोड़ लेने का आरोप है। बताया जा रहा है कि उसने लगभग 2.60 करोड़ वापस भी किए थे, लेकिन एसीबी इस पूरे लेन-देन की सच्चाई जानने के लिए उससे पूछताछ करना चाहती है। वह भी फिलहाल फरार बताया जा रहा है।

70 करोड़ पाने वाला सनी गर्ग विदेश में

जांच एजेंसियों के अनुसार, निगम के खातों से निकाली गई सबसे बड़ी रकम करीब 70 करोड़ सनी गर्ग तक पहुंचे थे। मामला दर्ज होने से पहले ही वह देश छोड़कर विदेश चला गया था।

सूत्रों के मुताबिक, सनी गर्ग ने एसीबी को ई-मेल भेजकर दावा किया था कि उसने यह पैसा ब्याज पर लिया था और लगभग 16 करोड़ ब्याज के रूप में पुष्पेंद्र सिंह के खातों में वापस भी जमा करवाए थे। हालांकि, एसीबी इस दावे को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है और एजेंसी इसे घोटाले का हिस्सा मानते हुए उसकी गिरफ्तारी के प्रयास तेज किए हुए है।

चालान दाखिल होने के बाद खुल सकते कई और राज

जांच से जुड़े सूत्रों का मानना है कि चार्जशीट दाखिल होने के बाद इस घोटाले से जुड़े कई और नाम सामने आ सकते हैं। करोड़ों रुपये के ट्रांजेक्शन, फर्जी निवेश और विभिन्न खातों के जरिए धन के प्रवाह की परतें खुलने के साथ ही जांच का दायरा और बढ़ सकता है।

इस मामले में एसीबी ने कोटक महिंद्रा बैंक के तत्कालीन डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट पुष्पेंद्र सिंह ने अप्रैल 2026 में पंचकूला एसीबी के सामने आत्मसमर्पण किया था, जिसके बाद जून 2026 में ईडी ने इन्हें मनी लांड्रिंग मामले में गिरफ्तार कर लिया था।

कोटक महिंद्रा बैंक के पूर्व कस्टमर रिलेशनशिप मैनेजर दिलीप कुमार राघव और पंचकूला नगर निगम के पूर्व वरिष्ठ लेखा अधिकारी विकास कौशिक सहित कुछ अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया गया था।